एशियन गेम्स, दिन 11: महिला 4×400 मीटर रिले से भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण; पदक 50 से अधिक
दिन 11 पर महिला 4×400 मीटर रिले ने इन खेलों का भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण जीता। पदक 50 से आगे हैं। कुल संख्या पर अख़बार एक नहीं हैं।
भारत की महिला 4×400 मीटर रिले ने एशियन गेम्स के दिन 11 पर स्वर्ण जीता, और पदक तालिका 50 से आगे बढ़ी। दिन 11 मंगलवार, 29 सितंबर था। टीम में किरण पाहल, पूवम्मा माचेटिरा, प्राची और विथ्या रामराज थीं। समय 3:29.69 रहा। रजत बहरीन को मिला। कांस्य चीन को। रिपोर्टें इसे इन खेलों का भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण कहती हैं।
वही ब्यौरे रिले को भारत का कुल छठा स्वर्ण कहते हैं। मंगलवार रात पदक तालिका में भारत 10वें स्थान पर था, छह स्वर्ण के साथ। वह स्थान और वह स्वर्ण-गिनती मंगलवार रात की तालिका की है। यह बुधवार सुबह के तीरंदाज़ी फ़ाइनल के बाद की गिनती नहीं है।
गुलवीर सिंह ने 5,000 मीटर में कांस्य जोड़ा। रिपोर्टें इसे इन खेलों का उनका तीसरा पदक बताती हैं। पहले के दो रजत थे, 10,000 मीटर और 1,500 मीटर में। यह सार कांस्य और उसकी अपनी गिनती में जगह बताता है। 5,000 मीटर का समय यहाँ नहीं है।
नीरू ढांडा ने उसी प्रतियोगिता-दिन महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्वर्ण जीता। इस रोज़ाना रिपोर्ट में वही एक पंक्ति है। उनका स्कोर, और एशियन रिकॉर्ड का कोई दावा, यहाँ नहीं है। अख़बार उस योग की शब्दावली पर एक नहीं थे, और ट्रैप स्वर्ण की अपनी रिपोर्ट पहले से है।
कुल पदकों पर अख़बार एक नहीं हैं। यहाँ इस्तेमाल हुई सामग्री में गिनती 51 से 53 तक जाती है। उनमें से एक में एक मुक्केबाज़ी कांस्य अभी लंबित था। आँकड़े अलग हैं, इसलिए यह रिपोर्ट एक को नहीं चुनती। वह कहती है कि तालिका 50 से आगे है, पदक 50 से अधिक हैं। वह न 51 कहती है न 53। स्थान और स्वर्ण बताए गए हैं। रजत और कांस्य का पूरा बँटवारा नहीं।
यह पंक्ति कि दिन 11 पर खुद आठ पदक मिले, उस ब्यौरे में अलग रखी गई जिसका यह रिपोर्ट अनुसरण करती है, भले दो अख़बार उस पर एक हों, और यहाँ इस्तेमाल नहीं हुई। यह भी नहीं कि रिले भारत का पहला और इकलौता ट्रैक-एंड-फ़ील्ड स्वर्ण है, या रिले पिछले सात में से छह संस्करणों में छाई रही। वे वाक्य एक अख़बार की शब्दावली थे और खिताब के दूसरे वर्णन से टकराते थे। प्राची का केवल पहला नाम है। रिपोर्टों में उपनाम की वर्तनी मेल नहीं खाती।
बुधवार सुबह, जो दिन 12 है, अलग नतीजा लाई। भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाज़ी टीम ने चीन को हराकर स्वर्ण जीता। उस नतीजे के साथ नाम चिकिता तनिपर्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम के हैं। यह रोज़ाना सार स्कोर नहीं देता, और यह नहीं कहता कि कोई रिकॉर्ड बराबर हुआ। उस मुक़ाबले की अपनी रिपोर्ट है। तीरंदाज़ी के बाद सातवें स्वर्ण की गिनती भी इस सार से बाहर रही: जब जाँच हुई, तालिका के पन्ने छह स्वर्ण से आगे नहीं बढ़े थे।
आगे क्या
दिन 11, जैसी रिपोर्ट है, रिले स्वर्ण है, गुलवीर का 5,000 मीटर कांस्य है, नीरू ढांडा का ट्रैप स्वर्ण है, और मंगलवार रात की तालिका है: 10वाँ स्थान और छह स्वर्ण, पदक 50 से अधिक। कंपाउंड फ़ाइनल बुधवार सुबह का अपडेट है, और वह मंगलवार के योग में नहीं मिलाया गया।
मुख्य बातें
- दिन 11 मंगलवार, 29 सितंबर था। किरण पाहल, पूवम्मा माचेटिरा, प्राची और विथ्या रामराज ने महिला 4×400 मीटर रिले 3:29.69 में जीती। रजत बहरीन का, कांस्य चीन का।
- रिपोर्टें इसे इन खेलों का भारत का पहला एथलेटिक्स स्वर्ण बताती हैं, और कुल छठा स्वर्ण।
- गुलवीर सिंह को 5,000 मीटर में कांस्य मिला, इन खेलों का उनका तीसरा पदक। इससे पहले 10,000 मीटर और 1,500 मीटर में रजत थे।
- नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप स्वर्ण जीता। यहाँ वह नतीजा एक पंक्ति में है।
- मंगलवार रात भारत छठा स्वर्ण लेकर 10वें स्थान पर था। कुल पदक केवल '50 से अधिक' कहे गए हैं। अख़बार 51 से 53 के बीच बँटे हैं।
- बुधवार सुबह महिला कंपाउंड तीरंदाज़ी टीम ने चीन को हराकर स्वर्ण जीता। स्कोर और रिकॉर्ड अलग रिपोर्ट में हैं।
दोनों तरफ़ क्या कहा
दिन 11 की रिपोर्टें किस पर एक हैं
इस सार के लिए नाम लिए गए अख़बार Sportstar, पीटीआई वाली द हिंदू, इंडियन एक्सप्रेस, टाइम्स ऑफ़ इंडिया, Hindustan Times और Yonhap हैं। वे रिले स्वर्ण और समय पर एक हैं, गुलवीर के 5,000 मीटर कांस्य को तीसरा पदक मानते हैं, नीरू ढांडा का ट्रैप स्वर्ण दर्ज करते हैं, और मंगलवार रात भारत को छह स्वर्ण के साथ 10वाँ बताते हैं।
यह सार क्या तय नहीं करता
पदकों की सटीक कुल संख्या। अख़बार अभी 51 से 53 के बीच हैं, और एक गिनती में एक मुक्केबाज़ी कांस्य अभी लंबित था। इसलिए केवल 50 से अधिक कहा गया है। प्राची का नाम केवल पहला नाम है, क्योंकि उपनाम की वर्तनी अलग-अलग है।
पुष्टि नहीं हुई
- 51 या 53 का एक ही पदक योग। अख़बार अलग हैं, इसलिए केवल 50 से अधिक कहा गया है।
- नीरू ढांडा का स्कोर, या ट्रैप में एशियन रिकॉर्ड का कोई दावा। वे पंक्तियाँ टकराती हैं और अलग ट्रैप रिपोर्ट में भी नहीं हैं।
- यह कि रिले इन खेलों के इतिहास में भारत का इकलौता ट्रैक-एंड-फ़ील्ड स्वर्ण है, या भारत पिछले सात में से छह संस्करणों में छाया रहा। वह शब्दावली एक अख़बार की थी और इस्तेमाल नहीं हुई।
- कंपाउंड तीरंदाज़ी स्वर्ण के लिए विश्व-रिकॉर्ड की पंक्ति। इस दिन-11 ब्यौरे में केवल इतना है कि टीम ने चीन को हराया।




