कांग्रेस कार्यसमिति ने CEC को हटाने और SIR रोकने की माँग की; हटाने का आदेश नहीं
कांग्रेस कार्यसमिति ने CEC और SIR पर माँगों वाला प्रस्ताव पारित किया। ये पार्टी की माँगें हैं, आदेश नहीं।

सत्ता, चुनाव और सार्वजनिक फ़ैसले — दोनों पक्ष और नाम वाले स्रोत के साथ।
कांग्रेस कार्यसमिति ने CEC और SIR पर माँगों वाला प्रस्ताव पारित किया। ये पार्टी की माँगें हैं, आदेश नहीं।


सोमवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने ध्वनिमत से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का वह प्रस्ताव पारित किया जो केंद्र से पूर्ण राज्य का दर्जा तुरंत बहाल करने को कहता है। भाजपा वॉकआउट कर गई। Deccan Herald ने बताया कि आठ संशोधन वापस लिए गए और मूल पाठ पर मत हुआ। मत विधानसभा की माँग है। इससे अपने आप राज्य का दर्जा बहाल नहीं होता।

27 सितंबर को तिलक नगर के सड़क निरीक्षण के वीडियो में उपमुख्यमंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा फ़ोन नीचे करते और AAP विधायक जरनैल सिंह के सहयोगी साहेब सिंह को थप्पड़ मारते दिखे। वर्मा कहते हैं गाली दी गई। साहेब सिंह कथित बदसलूकी का आरोप लगाते हैं। पुलिस ने सोमवार को The Times of India को पाँच शिकायतें और कोई FIR नहीं बताई। आज तक ने गैर-संज्ञेय रिपोर्ट की बात की।

रविवार की 138वीं मन की बात में प्रधानमंत्री ने कहा कि 28-29 सितंबर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार हुए स्ट्राइक ने भारत की आतंकवाद-रोधी नीति का नया उदाहरण दिया। उन्होंने जनगणना, अशोक सिंघल, सफ़ाई और युवाओं के नशे-विरोधी अभियान की भी बात की।

रविवार को असम पुलिस ने बैठक से पहले गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया। पार्टी ने कहा कि नोटिस नहीं था और वकीलों को अंदर नहीं जाने दिया गया। रांका ने बाद में कहा कि हिरासत खत्म हो गई। मुख्यमंत्री ने कारण नहीं बताया।

रविवार को राज्य ने 21 सितंबर का वह आदेश वापस लिया जिसने लोक (क़ानून-व्यवस्था) विभाग को RTI अधिनियम की धारा 24(4) के तहत खुफिया और सुरक्षा संगठन बताया था। फ़ैसला आलोचना के बाद आया, जिसमें DMK, CPM और मानवाधिकार समूह शामिल थे। क़ानून मंत्री ने कुछ घंटे पहले आदेश का बचाव किया था।

कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि रविवार को फूलबागान में बाइक सवारों ने उनकी कार पर हमला किया और उन्हें घसीटने की कोशिश की। उन्होंने भाजपा को ज़िम्मेदार बताया। भाजपा प्रवक्ता देबजीत सरकार ने आरोप को झूठा बताया और तृणमूल के अंदरूनी गुटबाज़ी की बात कही। पुलिस ने कहा शिकायत और CCTV की समीक्षा चल रही है।

शनिवार की पूरी बैठक के बाद चुनाव आयोग ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण में अनमैप्ड या लॉजिकल डिस्क्रेपंसी के नोटिस वाले मतदाताओं को आम तौर पर सुनवाई में नहीं आना होगा। बूथ स्तर के अधिकारी घर पर दस्तावेज़ लेंगे। आयोग ने ECINet की समीक्षा और दिल्ली तथा महाराष्ट्र में दावों की नई समय-सीमा भी बताई।