कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने कहा, गुवाहाटी की हिरासत खत्म हुई
रविवार को असम पुलिस ने बैठक से पहले गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और अन्य स्वयंसेवकों को हिरासत में लिया। पार्टी ने कहा कि नोटिस नहीं था और वकीलों को अंदर नहीं जाने दिया गया। रांका ने बाद में कहा कि हिरासत खत्म हो गई। मुख्यमंत्री ने कारण नहीं बताया।
असम पुलिस ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका तथा कई अन्य लोगों को गुवाहाटी के एक निजी आवास से हिरासत में लिया। यह The Hindu की रिपोर्ट है। अख़बार के फ़ोटो कैप्शन में जगह असम सचिवालय के पास बताई गई। रांका ने बाद में कहा कि उन्हें चौधरी टिल्ला से उठाया गया, जो दिसपुर में राज्य सचिवालय के सामने है।
NCP (SP) के प्रवक्ता अनीश गवंडे ने पत्रकारों से कहा कि अन्य लोगों में 35 स्थानीय स्वयंसेवक और रांका के सहयोगी अंकित भारद्वाज तथा प्रेम आकाश शामिल थे, और रांका के साथ हिरासत में ली गई छह महिलाएँ थीं। उन्होंने कहा कि उन्हें उस निजी आवास से दिसपुर थाने ले जाया गया जहाँ स्वयंसेवकों की मुलाक़ात तय थी, उन्हें कानूनी नोटिस नहीं दिया गया, और यह नहीं बताया गया कि किस धारा में हिरासत है। उन्होंने कहा, "यह असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अधीन जंगलराज से कम नहीं है। वह हर तरह के विरोध से डरते हैं।"
India Today ने बताया कि हिरासत पार्टी की राज्य में पहली क्षेत्रीय स्वयंसेवक बैठक से पहले हुई। रांका शनिवार को पहुँचे थे और स्वयंसेवकों को संबोधित करने वाले थे। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि पुलिस ने उस मुलाक़ात को रोका जिसे उन्होंने छोटी बताया, और लिखा कि टीम को अज्ञात स्थान ले जाया जा रहा है। यह India Today और Mathrubhumi की रिपोर्ट है।
कुछ घंटे पहले रांका ने X पर लिखा कि सड़क बैरिकेड थी, पुलिस आँसू गैस के साथ थी, और स्वयंसेवकों को रोका गया। Mathrubhumi के अनुसार CJP ने कहा पुलिस ने वकील से "ऊपर" के निर्देश बताए, वकीलों को रोका, और फ़ोन जब्त किए। पार्टी ने पूछा आदेश किसने दिया और कानूनी आधार क्या है।
वीडियो में और पुलिस के ले जाते समय रांका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री "डर" गए थे कि पार्टी स्कूल, काज़ीरंगा और मानव-निर्मित बाढ़ दिखा देगी। उन्होंने कहा काज़ीरंगा में अधिकार कंपनियों के लिए छीने जा रहे हैं, और चुनाव सीमाएँ बदलकर जीता गया। गवंडे ने कहा वे पंखे, कक्षा और शिक्षक के बिना स्कूलों, काज़ीरंगा की बेदखली, और उन सीमाओं पर बात करना चाहते थे। उन्होंने प्रणब डॉली का हवाला दिया, जिन्हें उनके मुताबिक गिरफ़्तारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम में रखा गया। ये आरोप हैं।
The Hindu ने CJP का बयान दिया कि हिरासत के 35 सदस्यों ने, रांका, भारद्वाज, प्रेमाकाश गोलू और साहिल समेत, सभी की रिहाई तक भूख हड़ताल शुरू की। पुलिस ने कारण नहीं बताया। साथ में एक 72 वर्षीय महिला थीं। कुछ को 10वीं असम पुलिस बटालियन ले जाया गया।
The Hindu ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हिरासत पर सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के सुझावों का स्वागत है। उन्होंने कहा, "ऐसे सुझावों को मैं सर्वोच्च प्राथमिकता दूँगा, चाहे वे भाजपा से हों, या कांग्रेस से, या CPI(M) से, या CJP से।"
जोरहाट सांसद और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कार्रवाई को "पूरी तरह अस्वीकार्य और ग़ैरक़ानूनी" कहा और पूछा कि भाजपा युवाओं से "डर" क्यों रही है। The Hindu ने उनका सवाल रिपोर्ट किया कि क्या युवाओं ने भाजपा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण खारिज कर दिया। India Today ने बताया कि CJP ने रिहाई माँगी और अभियान जारी रखने की बात कही।
The Hindu के बाद के ब्यौरे में रांका का वह लेख है कि हिरासत खत्म हुई और वे अन्य लोगों के साथ रिहा हुए। उन्होंने कहा, "असम पुलिस की ग़ैरक़ानूनी हिरासत आखिरकार खत्म हुई। हमने पुलिस से कहा है कि हमें वहीं छोड़कर जाए जहाँ से हमें ग़ैरक़ानूनी तरीके से उठाया गया था।" उन्होंने चौधरी टिल्ला का और ब्योरा देने की बात कही।
आगे क्या
रांका ने कहा कि चौधरी टिल्ला से उठाए जाने का और ब्योरा वह देंगे। इन रिपोर्टों में पुलिस का ऐसा उद्धरण नहीं है जो कानून की धारा या कारण बताए। India Today ने बताया कि CJP ने कहा असम में उसका काम जारी रहेगा।
मुख्य बातें
- रविवार, 27 सितंबर 2026: The Hindu ने बताया कि असम पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और मुख्य प्रवक्ता आशुतोष रांका और अन्य लोगों को गुवाहाटी के एक निजी आवास से हिरासत में लिया।
- NCP (SP) प्रवक्ता अनीश गवंडे ने कहा कि साथ में 35 स्थानीय स्वयंसेवक, सहयोगी अंकित भारद्वाज और प्रेम आकाश थे, और रांका के साथ हिरासत में ली गई छह महिलाएँ थीं। उन्हें दिसपुर थाने ले जाया गया। कानूनी नोटिस या धारा नहीं बताई गई।
- पार्टी ने बैरिकेड, आँसू गैस, 'ऊपर' से निर्देश, वकीलों को रोकने और फ़ोन जब्त करने का आरोप लगाया। रांका ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्कूलों, काज़ीरंगा और क्षेत्र सीमाओं के कारण हिरासत करवाई।
- The Hindu ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हिरासत पर सवालों का जवाब नहीं दिया और कहा कि स्वास्थ्य व शिक्षा के सुझावों को भाजपा, कांग्रेस, CPI(M) या CJP, किसी की ओर से भी सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। पुलिस ने कारण नहीं बताया।
- CJP ने कहा कि हिरासत में 35 सदस्यों ने रिहाई तक भूख हड़ताल शुरू की। The Hindu ने बाद में बताया कि रांका ने लिखा कि हिरासत खत्म हुई और वह अन्य हिरासतियों के साथ रिहा हुए।
- जोरहाट सांसद और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने पुलिस कार्रवाई को अस्वीकार्य और ग़ैरक़ानूनी कहा। India Today ने बताया कि CJP ने कहा उसका असम अभियान जारी रहेगा।
दोनों तरफ़ क्या कहा
कॉकरोच जनता पार्टी
पार्टी कहती है कि पुलिस ने एक छोटी बैठक से पहले आशुतोष रांका और स्वयंसेवकों को बिना नोटिस और बिना धारा बताए हिरासत में लिया। संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें अज्ञात स्थान ले जाया जा रहा था। रांका का आरोप है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इसलिए हिरासत करवाई क्योंकि पार्टी स्कूलों, काज़ीरंगा, बाढ़ और क्षेत्र सीमाओं पर बात करना चाहती थी। पार्टी ने बैरिकेड, आँसू गैस, वकीलों को रोकने और फ़ोन जब्त करने का आरोप लगाया। रांका ने बाद में हिरासत को ग़ैरक़ानूनी कहा। पार्टी ने रिहाई माँगी और कहा कि अभियान जारी रहेगा।
असम सरकार और पुलिस
The Hindu ने बताया कि पुलिस ने नहीं कहा कि सदस्यों को, जिनमें एक 72 वर्षीय महिला भी थीं, क्यों हिरासत में लिया गया, और कुछ को 10वीं असम पुलिस बटालियन ले जाया गया। उसी रिपोर्ट में है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हिरासत पर सवालों का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा के सुझावों का स्वागत है और उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी, चाहे वे भाजपा, कांग्रेस, CPI(M) या CJP की ओर से हों। इन ब्योरों में पुलिस की ऐसी पंक्ति नहीं है जो धारा बताए या यह पुष्टि करे कि उठाकर ले जाने का आदेश किसने दिया।
पुष्टि नहीं हुई
- हिरासत की कानूनी धारा। गवंडे ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को बताया नहीं गया। The Hindu ने बताया कि पुलिस ने कारण नहीं दिया।
- यह कि मुख्यमंत्री ने हिरासत का आदेश दिया। यह रांका का आरोप है और Mathrubhumi द्वारा उद्धृत CJP बयान का आरोप है। The Hindu ने बताया कि उन्होंने कारण पर सवालों का जवाब नहीं दिया।
स्रोत
- The Hindu https://www.thehindu.com/news/national/cjps-ashutosh-ranka-his-team-detained/article71515449.ece
- India Today https://www.indiatoday.in/india/story/cjp-assam-meeting-ashutosh-ranka-members-detained-barricading-tear-gas-abhijeet-dipke-himanta-sarma-3004031-2026-09-27
- Mathrubhumi https://english.mathrubhumi.com/news/india/cjp-ashutosh-ranka-team-detained-guwahati-assam-kmiigvjf




