राजनाथ सिंह: पड़ोसी आतंकवाद की राजकीय नीति जारी रखे तो भारत हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है
रविवार को NDTV डिफेंस कॉन्क्लेव में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत शांति चाहता है और सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगा। Hindustan Times ने टिप्पणी को पाकिस्तान के लिए संदेश बताया। नीचे के वाक्य वही हैं जो रिपोर्टों ने उनके बताए।
तस्वीर: Ministry of Defence (GODL-India) via Wikimedia Commons, file photo (Srinagar, May 2025); PIB / Prime Minister's Office (GODL-India) via Wikimedia Commons, file photo (INS Vikrant, May 2025)
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को NDTV डिफेंस कॉन्क्लेव में कहा कि पड़ोसी अगर आतंकवाद की राजकीय नीति जारी रखे तो भारत हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है। Hindustan Times और Republic World ने मेल खाता ब्योरा छापा। Hindustan Times ने इसे पाकिस्तान के लिए संदेश कहा। वाक्य में उन्होंने हमारा पड़ोसी कहा। आगे उनके उद्धृत शब्द हैं। नया सैन्य आदेश इन रिपोर्टों में नहीं है।
Hindustan Times ने उन्हें उद्धृत किया: भारत शांति में विश्वास करता है। भारत कभी युद्ध नहीं चाहता। भारत दुनिया के किसी विदेशी देश की ज़मीन हथियाना नहीं चाहता। भारत किसी को धमकाना भी नहीं चाहता। लेकिन शांति और कायरता में फ़र्क है, और पूरी दुनिया को यह समझना चाहिए। उन्होंने जोड़ा: भारत शांति चाहता है, लेकिन भारत किसी भी हाल में अपनी सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगा।
बातचीत पर उद्धरण: भारत संवाद में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को पनाह दे तो संवाद वहीं खत्म। उन्होंने बिश्केक SCO शिखर पर मोदी का हवाला दिया। उनके शब्दों में, जो देश आतंकवाद को नीति बनाएँ और आतंकियों को पनाह दें, उन्हें कहना होगा कि यह किसी की रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।
दोनों अखबारों की मुख्य पंक्ति यह थी: जब तक हमारा पड़ोसी आतंकवाद की राजकीय नीति जारी रखता है, भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है। हम यह अपने पड़ोसी को भी बताना चाहते हैं और दुनिया को भी।
दूसरे देशों के साथ काम पर उन्होंने कहा कि भारत ऑपरेशन, सहयोग और वैश्विक स्थिरता चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हित या रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर नहीं, और सुरक्षा पर समझौता नहीं करेगा। उन्हें भारत को शांति का पक्षधर कहते हुए उद्धृत किया गया।
उन्होंने थ्यूसीडाइड्स ट्रैप मुहावरा भी इस्तेमाल किया: जब कोई देश ऊपर उठता है, तो अक्सर पहले से ताकतवर देशों से टकराव होता है, संशोधनवादी शक्ति और यथास्थिति की शक्ति के बीच। उन्होंने इस फ्रेम को संकीर्ण सोच कहा और कहा कि भारत को इस दोहरे खाने में नहीं रखना चाहिए। Hindustan Times के अनुसार उन्होंने कहा, भारत न यथास्थिति की शक्ति है न संशोधनवादी शक्ति। मेरा मानना है कि हम एक सभ्यतागत शक्ति हैं।
अखबार ने भाषण को भारत और पाकिस्तान के हाल के अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान के बीच रखा। उसने कहा कि बिश्केक शिखर पर मोदी ने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने की बात कही थी, जिसमें धन, भर्ती, कट्टरता और सुरक्षित ठिकाने शामिल थे, और कहा था कि दोहरे मापदंड की जगह नहीं है। अखबार ने उनकी यह बात भी छापी कि नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल किया गया आतंकवाद रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।
अखबार ने कहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को स्थानीय समय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में आतंकवाद के धारावाहिक इस्तेमाल करने वाले पर तथ्यों को गलत पेश करने और आतंकवाद को सामान्य बनाने की कोशिश का आरोप लगाया। जयशंकर की उद्धृत पंक्तियाँ थीं: यह नहीं चलेगा। आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा का अधिकार इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दोस्ती और सद्भावना आतंकवाद के साथ नहीं रह सकतीं।
Hindustan Times ने कहा कि शहबाज शरीफ ने उसी सत्र में कश्मीर उठाया, मई 2025 के संघर्ष का श्रेय लिया और रोकने का श्रेय डॉनल्ड ट्रंप को दिया। अखबार के मुताबिक भारत ने मध्यस्थता का दावा खारिज किया है। युद्धविराम ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना से सेना के संपर्क से हुआ। भारत ने 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर हमला किया, पहलगाम हमले के बाद जिसमें 26 नागरिक मरे। शरीफ ने सिंधु जल संधि को स्थगित रखने को बिना कानूनी आधार कहा, और पानी रोकने या मोड़ने को युद्ध का कृत्य बताया। भारत का रुख है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न अंग है।
किसी भी आउटलेट ने कॉन्क्लेव में घोषित किसी ऑपरेशन की खबर नहीं दी। उन्होंने रविवार की टिप्पणी और उसके आसपास के मंचों के आदान-प्रदान की खबर दी।
मुख्य बातें
- सिंह ने NDTV डिफेंस कॉन्क्लेव में कहा कि जब तक हमारा पड़ोसी आतंकवाद की राजकीय नीति जारी रखता है, भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
- उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, युद्ध या किसी दूसरे देश की ज़मीन नहीं चाहता, और किसी को धमकाना भी नहीं चाहता, और शांति और कायरता में फ़र्क है।
- उन्होंने कहा कि अगर कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को पनाह देता है तो संवाद की गुंजाइश वहीं खत्म हो जाती है। उन्होंने बिश्केक SCO शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी का हवाला दिया।
- उन्होंने कहा कि भारत न यथास्थिति की शक्ति है न संशोधनवादी शक्ति, और भारत को सभ्यतागत शक्ति कहा। उन्होंने भारत के लिए थ्यूसीडाइड्स ट्रैप के फ्रेम को नकारा।
- Hindustan Times ने भाषण को SCO और संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाल के आदान-प्रदान के बीच रखा। वह संदर्भ अखबार के उद्धरणों के शब्दों में है।
स्रोत
- Hindustan Times https://www.hindustantimes.com/india-news/rajnath-singh-warns-pakistan-india-ready-for-every-kind-of-strike-against-terrorism-101790494466240.html
- Republic World https://www.republicworld.com/india/india-ready-to-strike-against-terrorism-rajnath-singh-s-strong-message-to-pakistan-says-will-not-compromise-on-security-2026-09-27-137798




