अमेरिकी राजदूत: ट्रंप ने शी से पूछा कि क्या चीन अमेरिकी हथियार चाहेगा; अधिकारियों के अनुसार बिक्री नहीं है
राजदूत डेविड पर्दू ने Fox News पर कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा कि क्या चीन अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेगा। व्हाइट हाउस ने New York Times को बताया कि चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं है। विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिकी क़ानून इसकी मनाही करता है। किसी रिपोर्ट में सौदा तय होने की बात नहीं है।
तस्वीर: File photo via Times of India
चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड पर्दू ने कहा कि राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से पूछा कि क्या चीन अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेगा। 27 सितंबर को Fox News पर उन्होंने शैनन ब्रीम से कहा कि ट्रंप कहते हैं, हम दुनिया में औरों को हथियार बेचते हैं, और एक मौके पर शी से पूछा कि क्या वे कुछ खरीदना चाहेंगे। तीनों अख़बारों ने यह उद्धरण छापा। पर्दू ने समय नहीं बताया। The Guardian ने मेज़बानी के दौरान पेशकश लिखी। The Hindu और The Times of India ने सवाल लिखा, तारीख नहीं। सौदा तय होने की खबर नहीं है।
इंटरव्यू के बाद, The Guardian के अनुसार, व्हाइट हाउस ने New York Times को बताया कि अमेरिका की चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं है। विदेश विभाग ने कहा: "अमेरिकी क़ानून चीन को हथियार बिक्री की मनाही करता है और चीन को हथियार बेचने का न कोई प्रस्ताव है, न कोई योजना।" The Guardian के विवरण में यही आधिकारिक रुख है, पर्दू के सवाल और उस अख़बार की "पेशकश" वाली क्रिया के साथ।
इंटरव्यू ताइवान के बारे में था। शैनन ब्रीम ने ताइवान के लिए देर से आ रहे हथियारों पर दोनों अमेरिकी दलों की चिंता का ज़िक्र किया, और पूछा कि क्या शी की यात्रा के बाद बिक्री रोकी जा रही है। पर्दू ने कहा कि ट्रंप "ताइवान पर उतने मज़बूत हैं जितना मैंने किसी को देखा है" और ताइवान को हथियार बेच चुके हैं। The Hindu के अनुसार दोनों नेता ताइवान को भविष्य की बिक्री पर बात करते हैं, और चीन को बिक्री लंबे समय की नीति से अलग कदम होगा। विदेश विभाग का वाक्य कहता है कि न प्रस्ताव है, न योजना।
तीनों के अनुसार ताइवान का 14 अरब डॉलर का पैकेज लंबित है। The Times of India ने दिसंबर का 11 अरब डॉलर का सौदा लिखा। The Guardian ने उसे रिकॉर्ड कहा। मई में बीजिंग बैठक के बाद 14 अरब का पैकेज रुका। The Hindu ने उसे रिकॉर्ड पैकेज बताया। ट्रंप ने आगे बढ़ने की बात नहीं कही, और बिक्री को मोलभाव का ज़रिया बताया। शनिवार को उन्होंने कहा कि शी से ताइवान पर बात नहीं हुई, मामला चल रहा है, और शी उनका रुख समझते हैं।
The Times of India के अनुसार वॉशिंगटन शिखर बैठक ने व्यापार युद्धविराम बढ़ाया, और ताइवान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा ईरान पर मतभेद बाकी रहे। शिन्हुआ के अनुसार शी ने ट्रंप से कहा कि वे "ताइवान प्रश्न को सावधानी से सँभालें" और ताइवान की आज़ादी का विरोध करें। The Times of India के अनुसार व्हाइट हाउस ने ब्यौरा नहीं दिया। तीनों अख़बारों में बीजिंग की लाइन है कि हथियार बिक्री रुकनी चाहिए। The Guardian के अनुसार बीजिंग उनका "दृढ़ विरोध" करता है, ताइवान को अलग हुआ प्रांत मानता है हालाँकि उसने कभी उस पर शासन नहीं किया, और बल के इस्तेमाल से इनकार नहीं करता। The Times of India ने ताइवान का रुख यह लिखा कि वह इस दावे को खारिज करता है, और द्वीप का भविष्य उसके अपने लोगों को तय करना है।
उप विदेश मंत्री चेन मिंग-ची ने कहा कि वॉशिंगटन ताइवान की रक्षा की ज़रूरतें समझता है और कह चुका है कि उसकी नीति नहीं बदली। पर्दू ने CNBC को बताया कि ताइवान को हथियार बिक्री पर कोई बदलाव नहीं है। अमेरिकी क़ानून वॉशिंगटन से कहता है कि वह ताइवान को आत्मरक्षा के साधन दे। वह ताइवान को देश के रूप में मान्यता नहीं देता, और यह खुला छोड़ता रहा है कि चीन के हमले पर उसकी सेना लड़ेगी या नहीं।
आगे क्या
The Times of India के अनुसार ट्रंप ने नहीं कहा कि 14 अरब डॉलर का ताइवान पैकेज आगे बढ़ेगा या नहीं। पर्दू ने CNBC को बताया कि ताइवान के प्रति हथियार-बिक्री नीति नहीं बदली। The Guardian के विवरण में व्हाइट हाउस और विदेश विभाग ने कहा कि चीन को अमेरिकी हथियार बेचने की न योजना है, न क़ानून सम्मत प्रस्ताव। इस सवाल पर आगे की बैठक तय नहीं है।
मुख्य बातें
- चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड पर्दू ने रविवार, 27 सितंबर को Fox News पर कहा कि ट्रंप ने एक मौके पर शी से पूछा कि क्या वे कुछ अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे। पर्दू ने समय नहीं बताया।
- The Guardian के अनुसार सवाल तब पूछा गया जब ट्रंप पिछले हफ़्ते वॉशिंगटन में शी की मेज़बानी कर रहे थे। The Hindu और The Times of India के अनुसार पर्दू ने समय नहीं बताया।
- इंटरव्यू के बाद व्हाइट हाउस ने New York Times को बताया, जैसा The Guardian ने छापा, कि अमेरिका की चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं है। विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिकी क़ानून चीन को हथियार बिक्री की मनाही करता है और न कोई प्रस्ताव है, न योजना।
- करीब 14 अरब डॉलर का ताइवान हथियार पैकेज अभी लंबित है। ट्रंप ताइवान को हथियार बिक्री को मोलभाव का ज़रिया बता चुके हैं। बीजिंग बिक्री रोकने को कहता रहा है। ताइपे कहता है कि उसकी रक्षा की ज़रूरतें जस की तस हैं।
- शिन्हुआ के अनुसार शी ने ट्रंप से ताइवान प्रश्न को सावधानी से सँभालने और ताइवान की आज़ादी का विरोध करने को कहा। The Times of India के अनुसार व्हाइट हाउस ने बातचीत के इस हिस्से का अपना ब्यौरा तुरंत नहीं दिया।
दोनों तरफ़ क्या कहा
डेविड पर्दू
पर्दू ने कहा कि ट्रंप ने शी से पूछा कि क्या वे अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे, और यह भी कहा कि अमेरिका दूसरों को हथियार बेचता है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ताइवान पर उतने ही मज़बूत हैं जितना उन्होंने देखा है, ताइवान को हथियार बिक्री बड़ी रही है, और हथियार बिक्री समेत ताइवान नीति नहीं बदली।
व्हाइट हाउस और विदेश विभाग
The Guardian के अनुसार व्हाइट हाउस ने New York Times को बताया कि अमेरिका की चीन को हथियार बेचने की कोई योजना नहीं है, और विदेश विभाग ने कहा कि अमेरिकी क़ानून चीन को हथियार बिक्री की मनाही करता है तथा ऐसा कोई प्रस्ताव या योजना नहीं है।
बीजिंग और ताइपे
चीनी राजकीय मीडिया के अनुसार शी ने ट्रंप पर ताइवान की आज़ादी का विरोध करने का दबाव डाला। बीजिंग अमेरिका से ताइवान को हथियार बिक्री बंद करने को कहता रहा है। ताइवान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि वॉशिंगटन द्वीप की रक्षा की ज़रूरतें समझता है।
पुष्टि नहीं हुई
- चीन को अमेरिकी हथियारों की बिक्री, अनुबंध, या मंजूर प्रस्ताव। पर्दू ने एक सवाल बताया। विदेश विभाग ने कहा कि न प्रस्ताव है, न योजना। व्हाइट हाउस ने कहा कि योजना नहीं है।
- सवाल कब पूछा गया। पर्दू ने समय नहीं बताया। The Guardian ने इसे पिछले हफ़्ते की यात्रा में रखा। The Hindu और The Times of India के अनुसार उन्होंने समय नहीं दिया।
- भारत सरकार की कोई भूमिका। इन रिपोर्टों में नई दिल्ली का ज़िक्र नहीं है।
स्रोत
- The Hindu https://www.thehindu.com/news/international/trump-asked-chinas-president-if-he-wants-to-buy-us-arms-ambassador-says/article71518145.ece · 2026-09-28 06:59 IST (updated 09:39)
- The Times of India https://timesofindia.indiatimes.com/world/us/would-like-to-buy-some-trump-offered-xi-us-weapons-as-washington-sought-to-downplay-taiwan-arms-sale/articleshow/134530193.cms · 2026-09-28 08:51 IST
- The Guardian https://www.theguardian.com/world/2026/sep/28/trump-xi-jinping-china-buy-weapons · 28 सितंबर 2026, सुबह 5:30 IST




