ओडिशा बाढ़: शनिवार को 70,000 से अधिक निकाले गए; बाद की रिपोर्ट में 75,000 से अधिक
The Hindu BusinessLine ने शनिवार की स्थिति बताई: 395 शिविरों में 70,000 से अधिक लोग, 13 ज़िले, और जलेश्वर में सुवर्णरेखा 11.07 मीटर। The New Indian Express ने बाद में 75,000 से अधिक निकासी और बालासोर व भद्रक के अलग आँकड़े दिए। संख्याएँ यहाँ एक नहीं की गईं।
तस्वीर: ANI; ANI · Banpur, Khordha, Sept 26
शनिवार को ओडिशा सरकार ने निचले इलाकों से 70,000 से अधिक लोगों को 395 राहत शिविरों में रखा, अधिकारियों ने The Hindu BusinessLine से कहा। 28 सितंबर की दो New Indian Express रिपोर्टें रविवार बताती हैं। आँकड़े इसी क्रम में हैं, मिलाए नहीं गए।
BusinessLine ने कहा कि 13 ज़िलों में अचानक बाढ़ और जलभराव की खबर थी: बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि, केंदुझर, नयागढ़, कंधमाल, बलांगीर और जगतसिंहपुर। बालासोर सबसे अधिक प्रभावित ज़िलों में था। वहाँ तीन बड़ी नदियाँ खतरे के स्तर से ऊपर थीं। जलेश्वर के राजघाट पर शाम 5 बजे सुवर्णरेखा 11.07 मीटर पर थी, खतरे का स्तर 10.36 मीटर। इससे भोगराई, जलेश्वर, बालियापाल और बास्ता के गाँव डूबे, अधिकारियों ने कहा। बुधबलंग गोविंदपुर में NH-16 पर दोपहर 3 बजे 8.8 मीटर पर थी, खतरे के स्तर से ऊपर। बालासोर में कंसबंसा, सोआ और गंगाहर भी उफान पर थीं।
मयूरभंज में नाले बढ़ने के बाद सिमिलिपाल अधिकारियों ने देवकंद बंद किया, और एक अधिकारी ने कहा कि अंदर जाने वाली सड़क के पुल क्षतिग्रस्त हुए या बह गए। बुधबलंग का पानी बारिपदा के कुछ हिस्सों और छह ब्लॉकों में घुसा, जिनमें बड़साही, उडला और रसागोविंदपुर शामिल हैं।
राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महानदी के जलग्रहण क्षेत्र की बारिश के कारण शनिवार को हीराकुद के 11 और गेट खोले गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जलाशय 629.56 फीट बताया, पूरे स्तर 630 फीट के मुकाबले, और कहा कि बाढ़ के मैदानों में लोग सतर्क रहें। मंत्री ने कहा कि 33 ODRAF टीमें, तीन NDRF टीमें और करीब 300 अग्निशमन टीमें लगी थीं। जाजपुर में कनी ने दसरथपुर की दो पंचायतें डुबो दीं। कालाहांडी में हाती पर इंद्रावती परियोजना के पाँच गेट 550 क्यूसेक छोड़ रहे थे। कोरापुट में कोटपाड़ की पाँच पंचायतें डूबीं और 100 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हुए। BusinessLine ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार सुबह दक्षिण ओडिशा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
The New Indian Express ने कहा कि उन्होंने पुजारी के साथ वह सर्वेक्षण किया और जेयपुर में राहत की समीक्षा की। वे कोटपाड़ के पिंजिली और चंदिली तथा चंदिली हाई स्कूल के शिविर में गए, और भोजन, पानी, शिशु आहार व दवा देखी। अखबार ने उनका कथन छापा: सरकार हर बाढ़-प्रभावित व्यक्ति के साथ है। नुकसान के आकलन के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार ज़रूरी सहायता दी जाएगी। समीक्षा में कोरापुट और नबरंगपुर में इंद्रावती की बाढ़ और मलकानगिरि में साबेरी शामिल थी। पुजारी ने कहा कि शिविरों के परिवारों को 15 दिन भोजन, कपड़े और ज़रूरी सामान मिलेगा। खेतों का पानी निकालने के लिए तकनीकी टीम जानी थी।
उस रविवार की रिपोर्ट में हीराकुद के दो और गेट खुले, निकासी 24 गेटों से, स्तर 628.29 फीट, पूरे स्तर 630। मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि रविवार देर रात मुंडली तक 7 लाख क्यूसेक और सोमवार सुबह 8 लाख क्यूसेक बहेगा, कटक, पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा के कुछ हिस्सों में छोटी बाढ़। विशेष राहत आयुक्त कार्यालय ने उन्हीं 13 ज़िलों में 75,000 से अधिक निकासी बताई, और सूत्रों ने 395 केंद्र बताए। यह आँकड़ा शनिवार के 70,000 से अधिक की जगह नहीं लेता।
दूसरी New Indian Express रिपोर्ट ने बालासोर और भद्रक के रविवार के आँकड़े दिए। इन्हें राज्यव्यापी कुल में नहीं जोड़ा गया। सुवर्णरेखा राजघाट पर 11.20 मीटर थी, खतरा 10.36, और जलका मथानी में 6.62 मीटर, खतरा 6.50। झारखंड ने गालुडीह के 13 गेट खोले, रिपोर्ट ने कहा। कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास के मुताबिक 11 ब्लॉक, 126 पंचायतें, 730 गाँव प्रभावित थे, करीब 3,57,466 लोग प्रभावित और 67,266 निकाले गए। चार ODRAF, दो NDRF, 12 अग्निशमन, छह चिकित्सा और 17 पशु चिकित्सा टीमें लगी थीं। भद्रक में छह ब्लॉक और दो शहरी निकायों में 1.84 लाख से अधिक प्रभावित, 52,851 निकाले गए, 66 रसोई खुलीं, भंडारीपोखरी में एक ODRAF, 18 चिकित्सा, छह पशु चिकित्सा टीमें और दो मोबाइल जल इकाइयाँ।
आगे क्या
शिविरों का सामान, खेतों से पानी निकालना और राउत का महानदी का अनुमान अभी खुले काम थे।
मुख्य बातें
- शनिवार, The Hindu BusinessLine में अधिकारी: 70,000 से अधिक लोग 395 राहत शिविरों में। 13 ज़िलों में अचानक बाढ़ और जलभराव। जलेश्वर के राजघाट पर शाम 5 बजे सुवर्णरेखा 11.07 मीटर, खतरे का स्तर 10.36 मीटर।
- राजस्व मंत्री ने कहा कि शनिवार को हीराकुद के 11 और गेट खोले गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जलाशय 629.56 फीट बताया, पूरे स्तर 630 फीट के मुकाबले। मंत्री ने 33 ODRAF, तीन NDRF और करीब 300 अग्निशमन टीमें बताईं।
- रविवार, The New Indian Express: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दक्षिण ओडिशा का हवाई सर्वेक्षण किया और जेयपुर में राहत की समीक्षा की। उसी रिपोर्ट में SRC कार्यालय ने 75,000 से अधिक निकासी और 395 राहत केंद्र बताए।
- उसी रविवार की रिपोर्ट में हीराकुद के दो और गेट खुले, निकासी 24 गेटों से, स्तर 628.29 फीट। मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने मुंडली की ओर महानदी के बहाव की बात कही।
- बालासोर और भद्रक पर दूसरी New Indian Express रिपोर्ट: कलेक्टर सूर्यवंशी मयूर विकास ने 67,266 निकासी बताई; भद्रक का प्रशासनिक आँकड़ा 52,851 था। इन्हें राज्यव्यापी कुल में नहीं जोड़ा गया है।
पुष्टि नहीं हुई
- निकासी की एक कुल संख्या। शनिवार की रिपोर्ट में 70,000 से अधिक। बाद की रिपोर्ट में 75,000 से अधिक। बालासोर और भद्रक के ज़िला आँकड़े अलग छपे।
स्रोत
- NDTV https://www.ndtv.com/india-news/over-70-000-evacuated-in-odisha-as-rivers-swell-amid-heavy-rain-flash-floods-12103101
- ThePrint https://theprint.in/india/odisha-evacuates-over-70000-people-opens-relief-camps-as-rain-induced-floods-hit-districts/3054526/
- The Hindu BusinessLine https://www.thehindubusinessline.com/news/national/odisha-floods-70000-evacuated-as-13-districts-face-flash-floods-waterlogging/article71515087.ece
- The New Indian Express https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2026/Sep/28/mohan-charan-majhi-surveys-rain-hit-south-odisha-districts-as-mahanadi-flood-looms
- The New Indian Express https://www.newindianexpress.com/states/odisha/2026/Sep/28/odishas-balasore-bhadrak-battle-floods




