सुप्रीम कोर्ट: मौजूदा कक्षा 6 को कक्षा 7 जैसी ही छूट दे CBSE
सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को निर्देश दिया कि जो छात्र अभी कक्षा 6 में हैं, उन्हें कक्षा 7 जैसी छूट दी जा सकती है। अंग्रेज़ी के दर्ज समेत मुख्य चुनौती अभी लंबित है। रिपोर्टों में यह नहीं है कि नियम रद्द कर दिया गया।
तस्वीर: Supreme Court (file) – Subhashish Panigrahi / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0, cropped
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को निर्देश दिया कि जो छात्र अभी कक्षा 6 में हैं, उन्हें कक्षा 7 जैसी छूट मिल सकती है। Hindustan Times ने पीठ का वाक्य छापा: "हम निर्देश देते हैं कि कक्षा 6 के छात्रों को वही छूट दी जा सकती है जो कक्षा 7 के छात्रों को दी गई है।" LiveLaw ने आदेश छापा: "इसी आधार पर हम निर्देश देते हैं कि छठी के छात्रों को वही छूट दी जा सकती है जो कक्षा 7 के छात्रों को दी गई है।" पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना थे। LiveLaw ने मामला यशिका भंडारी जैन और अन्य बनाम भारत संघ, W.P.(C) संख्या 694/2026, और जुड़ी याचिकाएँ बताया, जो तीन-भाषा फ़ॉर्मूले को चुनौती देती हैं। रिपोर्टों में यह नहीं है कि नियम रद्द कर दिया गया।
अख़बार इस छूट को अलग शब्दों में लिखते हैं। Hindustan Times ने एकबारगी छूट बताई, कक्षा 7, 8 और 9 जैसी "सहजता", और पीठ के शब्द छापे: "कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 जितनी सहजता दीजिए" और "इसे अप्रैल 2027 से लागू कीजिए।" अदालत ने कहा कि वह CBSE की योजना पर रोक नहीं लगा रही। LiveLaw ने आदेश को उस राहत से जोड़ा जो एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कक्षा 7 से 9 के लिए बताई: तीसरी भाषा में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा नहीं, केवल आंतरिक आकलन। मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिया: "पास या फ़ेल नहीं होगा। केवल उपस्थिति प्रमाणपत्र होगा।" The Times of India के अनुसार कक्षा 6 को कक्षा 7 और 8 वाली छूट मिलती है, वह तीसरी भाषा पढ़ती है, और कक्षा 10 में उसमें बोर्ड परीक्षा नहीं देती। जो छात्र पहले से दो गैर-मातृभाषाएँ पढ़ रहे हैं, वे उन्हें रख सकते हैं और एक भारतीय भाषा जोड़ सकते हैं।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस साल कक्षा 6 में नीति लागू करने की पैरवी की। Hindustan Times के आँकड़े: करीब 28,000 स्कूल, लगभग 99 प्रतिशत तैयार, 1.2 प्रतिशत को कठिनाई। LiveLaw ने 28,819 स्कूल लिखे। मेहता ने कक्षा 6 को शिक्षा नीति 2020 और 2023 के पाठ्यक्रम की शुरुआती खेप बताया। अदालत ने फिर भी कक्षा 7 वाली छूट का आदेश दिया। सत्र अप्रैल में शुरू हो चुका था।
याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने और समय माँगा। वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल संकरनारायणन ने कहा कि छात्रों ने इसलिए माना क्योंकि उनके पास विकल्प नहीं था, शुरू में किताबें ऑनलाइन नहीं थीं, और ICSE तथा राज्य बोर्ड साल के बीच ऐसा बदलाव नहीं थोप रहे। LiveLaw ने उनका आँकड़ा करीब 28.83 लाख छात्र बताया, और 2027 तक रुकने की उनकी माँग। Hindustan Times ने वकीलों का हवाला करीब 3,00,000 छात्रों का दिया। दोनों आँकड़े जैसे अख़बारों ने दिए, वैसे ही हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने भाषाओं के कम विकल्प उठाए, पंजाबी समेत, और कहा कि कुछ भारतीय भाषाओं की किताबें अब भी नहीं हैं। पीठ ने कोविड में फ़ोन पर पढ़ाई का ज़िक्र किया। एक वकील ने पूछा कि अंग्रेज़ी को गैर-मातृभाषा कैसे माना जा सकता है। न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि अदालत इस सवाल पर विचार करेगी।
Hindustan Times ने CBSE का पहले का ब्यौरा भी छापा: 22 अनुसूचित भाषाओं में तीसरी भाषा की किताबें NCERT की साइट पर थीं, 98 प्रतिशत से अधिक विकल्पों के लिए। 20,777 स्कूलों में से 19,386 में दो स्वदेशी भाषाओं के शिक्षक थे। 16 सितंबर को बनी समिति कक्षा 6 से 10 पर नज़र रख रही है। पीठ ने CBSE से कहा कि जो स्कूल अभी कठिनाई में हैं, उन तक पहुँचे, और कहा कि अगर कोई स्कूल आंतरिक आकलन पर छात्र को रोकता है तो अदालत दखल देगी।
आगे क्या
LiveLaw के अनुसार CBSE चार सप्ताह में जवाबी हलफ़नामा दाखिल करे, फिर प्रत्युत्तर आए, और मुख्य मामला सुनवाई के लिए लगाया गया है। Hindustan Times ने मुख्य सुनवाई छह सप्ताह बाद बताई, और अप्रैल 2027 से लागू करने पर पीठ का उद्धरण दिया। नीति की चुनौती अभी लंबित है।
मुख्य बातें
- सोमवार, 28 सितंबर 2026: अदालत ने आदेश दिया कि कक्षा 6 के छात्रों को कक्षा 7 जैसी छूट दी जा सकती है। Hindustan Times और LiveLaw दोनों ने यह वाक्य छापा।
- पीठ: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना। मामला यशिका भंडारी जैन और अन्य बनाम भारत संघ, W.P.(C) 694/2026, और जुड़े मामले।
- LiveLaw के अनुसार मुख्य न्यायाधीश ने संकेत दिया कि पास या फ़ेल नहीं होगा, केवल उपस्थिति प्रमाणपत्र होगा। The Times of India के अनुसार कक्षा 6 तीसरी भाषा पढ़ेगी, पर कक्षा 10 में उसकी बोर्ड परीक्षा नहीं देगी।
- Hindustan Times के अनुसार पीठ ने अप्रैल 2027 से लागू करने को कहा, और अंग्रेज़ी के मुद्दे समेत मुख्य सुनवाई छह सप्ताह बाद रखी। LiveLaw ने चार सप्ताह में जवाबी हलफ़नामा लिखा।
- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि करीब 1.2 प्रतिशत स्कूल तैयार नहीं हैं और बाकी अनुपालन में हैं। उन्होंने इस साल कक्षा 6 को चलने देने को कहा। अदालत ने फिर भी कक्षा 7 के बराबर छूट का निर्देश दिया।
दोनों तरफ़ क्या कहा
याचिकाकर्ता
वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल संकरनारायणन और आनंद ग्रोवर तथा अन्य वकीलों ने और समय माँगा। उन्होंने किताबें, भाषा का विकल्प, साल के बीच का दबाव, और अंग्रेज़ी को गैर-मातृभाषा मानने का सवाल उठाया। संकरनारायणन ने कहा कि कक्षा 6 की नीति कम से कम 2027 तक रुके।
केंद्र और CBSE
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार अदालत से इस साल कक्षा 6 लागू करने की इजाज़त माँगेगी। उनके अनुसार किताबें और शिक्षक मोटे तौर पर मौजूद हैं और करीब 1.2 प्रतिशत स्कूलों को कठिनाई है। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने कक्षा 7 से 9 की राहत को स्कूल-स्तरीय आकलन बताया, जिसमें तीसरी भाषा में बोर्ड की पास या फ़ेल नहीं है।
पुष्टि नहीं हुई
- यह कि तीन-भाषा नियम रद्द हो गया। बताया गया आदेश मौजूदा कक्षा 6 के लिए कक्षा 7 की तर्ज़ पर छूट है। मुख्य याचिकाएँ लंबित हैं।
- यह कि हर स्कूल बोर्ड शामिल है। यहाँ का निर्देश CBSE के लिए है।
- राहत का एक ही विवरण। Hindustan Times, LiveLaw और The Times of India यह एक जैसे शब्दों में नहीं लिखते कि कक्षा 7 के पास पहले से क्या है, या कक्षा 6 तीसरी भाषा पढ़ना छोड़ देगी।
स्रोत
- Hindustan Times https://www.hindustantimes.com/india-news/grant-same-comfort-says-sc-exempting-class-6-students-from-3-language-policy-101790591348806.html · 28 सितंबर 2026, सुबह 5:30 IST
- LiveLaw https://www.livelaw.in/top-stories/cbse-3-language-formula-grant-class-6-same-relaxation-as-class-7-supreme-court-552094 · 2026-09-28 ~15:15 IST
- The Times of India https://timesofindia.indiatimes.com/india/cbse-third-language-rule-supreme-court-extends-relaxations-to-class-vi-students/articleshow/134538075.cms · 2026-09-28 15:07 IST




