यह नोट एनपी एक्सप्लेन्स है। मुहर सत्यापित है। जाँच 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:53 बजे IST हुई, और पोस्ट दोपहर 12:49 बजे IST लगी। फ़ैसला 2026 INSC 1132 है। बार एंड बेंच, मिंट और बिज़नेस स्टैंडर्ड इसे रिपोर्ट करते हैं, सुप्रीम कोर्ट की पीडीएफ़ के साथ।

15 अक्टूबर 2026 को न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने 20 जनवरी 2023 के बॉम्बे हाई कोर्ट आदेश को बरकरार रखा। उस आदेश ने यस बैंक के ₹8,415 करोड़ के एडिशनल टियर 1 बॉन्ड के राइट-डाउन को रद्द किया था। राइट-डाउन 14 मार्च 2020 को हुआ था। यस बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक और केंद्र की अपीलें खारिज हुईं।

एटी1 बॉन्ड, कैप्शन के सीधे शब्दों में, ऐसे परपेचुअल बॉन्ड हैं जो बैंक का नुकसान सहने वाला तकिया होते हैं। उन पर ब्याज ज़्यादा है, और जोखिम भी ज़्यादा। बैंक मुश्किल में हो तो इन्हें शून्य तक काटा जा सकता है। अदालत की बात, जैसा कैप्शन दर्ज करता है, यह थी कि यहाँ तरीक़ा ग़लत था। यह नोट उससे आगे नहीं जाता।

क्रम छोटा है। अंतिम पुनर्निर्माण योजना 13 मार्च 2020 से लागू हुई। राइट-डाउन की धारा मसौदे से हटा दी गई थी, इसलिए जो योजना लागू हुई उसमें वह धारा नहीं थी। अगले दिन, 14 मार्च 2020 को, प्रशासक ने एटी1 बॉन्ड का राइट-डाउन कर दिया। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2023 में वह राइट-डाउन रद्द किया। सुप्रीम कोर्ट ने वही नतीजा रखा।

कूपन अलग पंक्ति हैं। सूचना ज्ञापन में तय वार्षिक कूपन भुगतान अप्रभावित रहते हैं। वह पंक्ति ₹8,415 करोड़ के मूलधन की अपने आप एकमुश्त वापसी का आदेश नहीं है। यह नोट नहीं कहता कि बॉन्डधारकों को वह मूलधन एक साथ लौटा दिया गया है। यह नहीं कहता कि मूलधन कब चुकाया जाएगा, या चुकाया भी जाएगा। ये सवाल उन रिपोर्टों से बाहर हैं जो यहाँ इस्तेमाल हुईं।

मिंट रिपोर्ट करता है कि यस बैंक के शेयर लगभग 14.5 प्रतिशत नीचे थे। यह कवरेज के दिन की रिपोर्ट की गई बाज़ार चाल है। यह खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है। इस नोट का विषय राइट-डाउन की प्रक्रिया की क़ानूनी स्थिति है, शेयरों पर कोई राय नहीं।

कवर विकिमीडिया कॉमन्स की तस्वीर है, भारत के सुप्रीम कोर्ट की, सुभाषिष पाणिग्रही की, लाइसेंस CC BY-SA 4.0। श्रेय है "Photo: Subhashish Panigrahi, Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)"। बाक़ी कार्ड न्यूट्रल पॉलिटिक्स के बनाए ग्राफ़िक हैं। उनका श्रेय "NP graphic" है।

जो सत्यापित है वह पीठ है, उद्धरण 2026 INSC 1132, योजना, राइट-डाउन और हाई कोर्ट आदेश की तारीखें, तीन अपीलों की खारिजी, और यह पंक्ति कि सूचना ज्ञापन के कूपन अप्रभावित रहते हैं। जो दावा नहीं है वह मूलधन की एकमुश्त वापसी है, या मिंट की रिपोर्ट की गई लगभग 14.5 प्रतिशत की चाल से आगे शेयरों पर कोई राय।

मुख्य बातें

  1. एनपी एक्सप्लेन्स। मुहर: सत्यापित। जाँच 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:53 बजे IST। पोस्ट दोपहर 12:49 बजे IST।
  2. न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह। फ़ैसला 2026 INSC 1132, 15 अक्टूबर 2026। यह 20 जनवरी 2023 के बॉम्बे हाई कोर्ट आदेश को बरकरार रखता है।
  3. राइट-डाउन ₹8,415 करोड़ के एटी1 बॉन्ड का था, 14 मार्च 2020 को। अंतिम पुनर्निर्माण योजना 13 मार्च 2020 से लागू हुई, बिना राइट-डाउन धारा के।
  4. यस बैंक, भारतीय रिज़र्व बैंक और केंद्र की अपीलें खारिज हुईं।
  5. सूचना ज्ञापन के अनुसार वार्षिक कूपन भुगतान अप्रभावित रहते हैं। यह मूलधन की अपने आप एकमुश्त वापसी का आदेश नहीं है।
  6. मिंट यस बैंक के शेयर लगभग 14.5 प्रतिशत नीचे रिपोर्ट करता है। यह रिपोर्ट की गई बाज़ार चाल है। यह खरीदने या बेचने की राय नहीं है।

दोनों तरफ़ क्या कहा

अदालत ने क्या किया

मार्च 2020 के राइट-डाउन को रद्द करने का आदेश बरकरार रखा और अपीलें खारिज कीं। सूचना ज्ञापन के कूपन अप्रभावित रहते हैं।

अदालत ने क्या नहीं किया

₹8,415 करोड़ के मूलधन की एकमुश्त वापसी का आदेश नहीं दिया। यह नोट शेयर खरीदने या बेचने का सुझाव नहीं देता।

पुष्टि नहीं हुई

  • ₹8,415 करोड़ के मूलधन की एकमुश्त वापसी। ये रिपोर्टें फ़ैसले को वह आदेश नहीं बतातीं।
  • शेयर की चाल से कोई निवेश निष्कर्ष। मिंट का लगभग 14.5 प्रतिशत एक रिपोर्ट की गई क़ीमत की चाल है।

स्रोत

  1. Supreme Court of India — Judgment of 15 October 2026, 2026 INSC 1132 https://api.sci.gov.in/supremecourt/2023/6245/6245_2023_6_1501_75512_Judgement_15-Oct-2026.pdf
  2. Bar & Bench — The court upholds the quashing of the Yes Bank AT1 write-off https://www.barandbench.com/news/litigation/supreme-court-upholds-quashing-of-yes-banks-8415-crore-at1-bond-write-off
  3. Mint — The High Court order stands, and the share move of about 14.5 percent https://www.livemint.com/companies/news/yes-bank-supreme-court-upholds-hc-order-at-1-bond-writeoff-11792042824907.html
  4. Business Standard — The Supreme Court upholds the Bombay High Court on the ₹8,415 crore write-off https://www.business-standard.com/india-news/sc-upholds-bombay-hc-ruling-quashing-yes-bank-s-8-415-cr-at1-write-off-126101501222_1.html