यह नोट 19 अक्टूबर 2026 को करीब शाम 4:50 बजे IST तक सत्यापित है। कैरोसेल उसी दिन शाम 4:53 बजे IST पोस्ट हुआ। हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी और टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा कि अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। इस पैकेज में मुख्य ब्यौरा कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम का उसी दिन का ब्रीफिंग है।
रिपोर्टें फायरिंग रविवार, 18 अक्टूबर, करीब शाम 7 बजे, मुंबई के जूहू में पुष्पा पार्क के पास रखती हैं। फायरिंग अभिनेता की कार पर हुई। रिपोर्टों के अनुसार अभिनेता को गोली नहीं लगी। इस जगह और इस समय से आगे सड़क का कोई और ब्योरा यहाँ नहीं जोड़ा गया।
आगे की घड़ियाँ कैप्शन और कोटा पुलिस अधीक्षक के ब्रीफिंग की हैं, जैसा ये रिपोर्टें उन्हें लाती हैं। सोमवार, 19 अक्टूबर, सुबह 9:45 बजे मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को अलर्ट भेजा। करीब सुबह 10:30 बजे कोटा जंक्शन पर तीन संदिग्ध हिरासत में लिए गए। उन्हें पुणे–जयपुर एक्सप्रेस से उतारा गया। हिरासत का मतलब रोककर रखना है। हिरासत का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है। जाँच जारी है। तीनों को मुंबई पुलिस को सौंपा जाना है।
हिरासत में लिए गए दो लोगों के नाम रिपोर्टों में हैं। रेहान 18 वर्ष का है और सोनीपत का है। हृतिक कुर्मी, जिन्हें रोशन भी कहा जाता है, 22 वर्ष के हैं और बेगूसराय के हैं। तीसरा व्यक्ति 17 वर्ष का नाबालिग है। इस नोट में उस नाबालिग का नाम नहीं है, और इन शब्दों के आगे कोई विवरण नहीं है।
पुलिस के अनुसार योजना पहले दिल्ली पहुँचने और फिर नेपाल जाने की थी। कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम ने कहा कि कथित गैंगस्टर अनिल पंडित रेहान के संपर्क में था। पुलिस पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़ती है। यह कड़ी पुलिस का दावा है। यह जाँच में है। यह कथित है। यह इस बात का निष्कर्ष नहीं है कि फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का पुष्ट हमला थी।
पुलिस ने कहा कि आंधेरी स्टेशन के पास एक बाइक मिली। यहाँ इस्तेमाल हुई रिपोर्टों में नंबर या यह नहीं है कि बाइक किसकी बताई गई, इसलिए नोट पुलिस की उसी पंक्ति पर रुकता है।
इस रिकॉर्ड पर तीन बातें पता नहीं हैं। पुलिस ने मकसद नहीं बताया। पुलिस के अनुसार हथियार नहीं मिले। पुलिस ने भूमिकाएँ तय नहीं कीं: किसने गोली चलाई, और किसने सहायता की। एनडीटीवी एक आरोपी को सहायक बताती है। यह एनडीटीवी का वर्णन है। क्योंकि यहाँ इस्तेमाल हुए पुलिस ब्यौरे में भूमिकाएँ तय नहीं हैं, यह नोट उन्हें बाँटता नहीं है, और किसने क्या किया इसके लिए कोई लेबल नहीं अपनाता।
पोस्टर कोटा जंक्शन के स्टेशन-बोर्ड की फाइल तस्वीर है, 13 फरवरी 2011 की। उसमें स्टेशन-बोर्ड है। यह फायरिंग की, ट्रेन की, या हिरासत में लिए गए लोगों की तस्वीर नहीं है। श्रेय: Superfast1111 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 3.0। बाकी स्लाइड NP graphic हैं: समयरेखा, पुलिस क्या कहती है, और क्या पता नहीं। किसी आरोपी की तस्वीर इस्तेमाल नहीं हुई।
चारों रिपोर्टें जगह और हिरासत पर एक हैं। रविवार शाम जूहू के पुष्पा पार्क के पास टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। रिपोर्टों के अनुसार उन्हें गोली नहीं लगी। सोमवार सुबह कोटा जंक्शन पर पुणे–जयपुर एक्सप्रेस से तीन लोग हिरासत में लिए गए, उनमें एक 17 वर्ष का नाबालिग भी है जिसका नाम यहाँ नहीं है। जो पुलिस का दावा है और जाँच में है, वह अनिल पंडित के ज़रिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित कड़ी है। जो खुला है, वह मकसद, किसी हथियार की बरामदगी, और हिरासत में लिए गए हर व्यक्ति की भूमिका है।
मुख्य बातें
- NP NOW। मुहर: सत्यापित, 19 अक्टूबर 2026 को करीब शाम 4:50 बजे IST तक। कैरोसेल शाम 4:53 बजे IST पोस्ट हुआ। स्रोत: हिंदुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी और टाइम्स ऑफ़ इंडिया। मुख्य ब्यौरा कोटा की पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम का ब्रीफिंग है।
- रविवार, 18 अक्टूबर, करीब शाम 7 बजे: जूहू के पुष्पा पार्क के पास अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग। रिपोर्टों के अनुसार अभिनेता को गोली नहीं लगी।
- सोमवार, 19 अक्टूबर, सुबह 9:45 बजे: मुंबई पुलिस ने कोटा पुलिस को अलर्ट भेजा। करीब सुबह 10:30 बजे: कोटा जंक्शन पर पुणे–जयपुर एक्सप्रेस से तीन संदिग्ध हिरासत में। इन्हें मुंबई पुलिस को सौंपा जाना है।
- नाम: रेहान, 18 वर्ष, सोनीपत; और हृतिक कुर्मी उर्फ रोशन, 22 वर्ष, बेगूसराय। तीसरा व्यक्ति 17 वर्ष का नाबालिग है। उसका नाम यहाँ नहीं है, और इससे आगे कोई विवरण नहीं है।
- पुलिस के अनुसार योजना पहले दिल्ली, फिर नेपाल की थी। कोटा पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम के अनुसार कथित गैंगस्टर अनिल पंडित रेहान के संपर्क में था। पुलिस पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जोड़ती है। यह कड़ी पुलिस का दावा है, जाँच में है, और कथित है। यह पुष्ट हमला नहीं है।
- पुलिस के अनुसार आंधेरी स्टेशन के पास एक बाइक मिली। मकसद नहीं बताया गया। हथियार नहीं मिले, पुलिस के अनुसार। भूमिकाएँ तय नहीं। एनडीटीवी एक आरोपी को सहायक बताती है; यह नोट भूमिका नहीं बाँटता। हिरासत का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है।
दोनों तरफ़ क्या कहा
पुलिस क्या कहती है
सोमवार सुबह कोटा जंक्शन पर पुणे–जयपुर एक्सप्रेस से तीन संदिग्ध हिरासत में लिए गए। मुंबई पुलिस ने सुबह 9:45 बजे कोटा पुलिस को अलर्ट किया था। पुलिस के अनुसार योजना दिल्ली पहुँचकर नेपाल जाने की थी। अनिल पंडित के ज़रिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित कड़ी पुलिस का दावा है और जाँच में है।
क्या स्थापित नहीं है
मकसद, हथियारों की बरामदगी, और हिरासत में लिए गए हर व्यक्ति की भूमिका। एक आरोपी को सहायक बताना एनडीटीवी का वर्णन है। हिरासत का मतलब दोष सिद्ध होना नहीं है।
पुष्टि नहीं हुई
- यह कि फायरिंग लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का पुष्ट हमला थी। पुलिस कथित गैंगस्टर अनिल पंडित को, जो उनके अनुसार रेहान के संपर्क में था, उस गिरोह से जोड़ती है। कड़ी जाँच में है।
- मकसद। पुलिस ने इसे नहीं बताया।
- हथियारों की बरामदगी। पुलिस के अनुसार वे नहीं मिले।
- किसने गोली चलाई और किसने सहायता की। भूमिकाएँ तय नहीं। 17 वर्ष के नाबालिग का नाम नहीं है।
स्रोत
- Hindustan Times — Three people held in Kota after a firing at Tiger Shroff's car in Juhu https://www.hindustantimes.com/india-news/kota-delhi-then-nepal-tiger-shroff-attackers-planned-escape-route-lawrence-bishnoi-gang-mumbai-attack-101792402865649.html
- The Indian Express — Three people held in Kota in the Tiger Shroff car firing case https://indianexpress.com/article/india/tiger-shroff-attackers-arrested-kota-anil-pandit-money-life-abroad-promise-10927930/
- NDTV — Three people held at Kota Junction after the Juhu firing https://www.ndtv.com/india-news/tiger-shroff-shooters-caught-all-3-shooters-in-tiger-shroff-firing-caught-from-rajasthans-kota-12204910
- The Times of India — Mumbai Police hold three people in Kota after the firing at Tiger Shroff's car https://timesofindia.indiatimes.com/city/mumbai/tiger-shroff-firing-mumbai-crime-branch-nabs-all-3-shooters-in-kota/articleshow/135040863.cms
