यह नोट एनपी एक्सप्लेन्स है। मुहर नोटिसों पर और सीसीटीवी व डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश पर सत्यापित है। अवमानना का मामला विकसित हो रहा है। जाँच 15 अक्टूबर 2026 को शाम 7:20 बजे IST हुई। पोस्ट उसी दिन लगभग शाम 7:30 बजे IST लगा।
15 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी को नोटिस दिया। नोटिस W.P.(C) 1351/2026 पर है। याचिका राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, संजय राउत और अन्य की है। लाइव लॉ और द न्यू इंडियन एक्सप्रेस लिखते हैं कि यह 12 अक्टूबर को दायर हुई। अदालत ने याचिका को लंबित एसआईआर मामलों के साथ टैग किया। एसआईआर मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण है। नोटिस की रिपोर्ट लाइव लॉ, बार एंड बेंच, एनडीटीवी प्रॉफ़िट, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस और मिंट में है।
याचिका एसआईआर को चुनौती देती है। प्रार्थनाएँ याचिकाकर्ताओं की माँग हैं, अदालत का निष्कर्ष नहीं। लाइव लॉ उन्हें गिनता है: एसआईआर के रिकॉर्ड; हटाए गए मतदाताओं की बूथ-वार सूचियाँ, कारणों सहित; बिना नोटिस और सुनवाई के कोई नाम न हटे; एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश के नेतृत्व में ऑडिट; और मामला लंबित रहने तक एसआईआर पर रोक। उन प्रार्थनाओं के आरोप आरोप ही रहते हैं।
नोटिस का मतलब है कि अदालत ने आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों से जवाब माँगे। यह एसआईआर पर रोक नहीं है। आरोपों पर फ़ैसला नहीं है। अवमानना का निष्कर्ष नहीं है। इस नोट के लिए जाँची गई रिपोर्टों में अगली तारीख नहीं है।
उसी पीठ ने 12 अक्टूबर की मार्च पर अलग याचिकाओं में नोटिस दिया। उन याचिकाओं में जंतर मंतर की डी-नोटिफ़िकेशन शामिल है। लाइव लॉ लिखता है कि उनमें से एक, अधिवक्ता दिगंत मिश्रा और अन्य की, अदालतों के पास विरोध के नियम माँगती है और नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना माँगती है। ये प्रार्थनाएँ हैं, निष्कर्ष नहीं। अदालत ने एजेंसियों को सीसीटीवी और डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। लाइव लॉ असदुद्दीन ओवैसी और दिग्विजय सिंह की याचिकाओं पर भी नोटिस लिखता है। यह नोट उन्हीं नोटिसों तक रुकता है।
नीचे की पंक्तियाँ मौखिक टिप्पणियाँ हैं, जैसी रिपोर्टरों ने छापीं, लिखित आदेश का पाठ नहीं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, "Nobody can browbeat us." (कोई हमें डरा-धमकाकर नहीं झुका सकता।) लाइव लॉ, टाइम्स ऑफ़ इंडिया और मिंट यह भी छापते हैं, "We are not sitting in ivory towers." (हम हाथीदाँत की मीनारों में नहीं बैठे हैं।) उन्होंने कहा, "We would also ask one of the petitioners about his conduct." (हम याचिकाकर्ताओं में से एक से उसके आचरण के बारे में भी पूछेंगे।) लाइव लॉ "one of the petitioners" उद्धृत करता है और उस वाक्य के अंदर किसी का नाम नहीं रखता। यह नोट एक याचिकाकर्ता कहता है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि टिप्पणी राहुल गांधी के बारे में थी, और इस बारे में कि भीड़ सुप्रीम कोर्ट परिसर में कैसे घुसी। वह नामकरण टाइम्स ऑफ़ इंडिया का है।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया और लाइव लॉ लिखते हैं कि 12 अक्टूबर की मार्च, Chalo Dilli – March for Democracy, उस बैठक के बाद हुई जिसे मुख्य न्यायाधीश ने एक ज्ञापन के लिए माँगी गई बैठक ठुकरा दिया था। वह इनकार एक अलग प्रकाशित नोट है: सीजेआई ने इंडिया ब्लॉक की मुलाकात से मना किया, रास्ता याचिका का बताया।
एक अलग प्रकाशित नोट दिल्ली की ड्राफ़्ट सूची से बाहर रह गए मतदाताओं, फ़ॉर्म 6, और 28 अक्टूबर पर ले जाई गई सुनवाई पर है: दिल्ली एसआईआर: हटे मतदाताओं की सुनवाई 28 अक्टूबर को। वह मामला और ये 15 अक्टूबर के नोटिस अलग घटनाएँ हैं।
उसी दिन, एक अलग अवमानना मामले में, गृह सचिव गोविंद मोहन ने 15 अक्टूबर का हलफ़नामा दायर किया। इसमें दिल्ली पाबंदियों पर 11 अक्टूबर के अवमानना नोटिस के लिए "unconditional and unqualified apology" दी गई (बिना शर्त और पूरी माफ़ी)। यह कहता है कि 9 अक्टूबर के आदेश का जान-बूझकर उल्लंघन नहीं हुआ। यह बताता है कि सेल्युलर इंटरनेट 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक, रायसीना हिल के लगभग 4 किमी के दायरे में, बंद रहा, और वाई-फ़ाई व ब्रॉडबैंड इसके बाहर रहे। यह अदालत से अवमानना नोटिस हटाने और 11 अक्टूबर के आदेश में बदलाव की माँग करता है। बार एंड बेंच लिखता है कि 11 अक्टूबर के नोटिस में प्रथम दृष्टया मामला दर्ज था, और वह गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और डीएमआरसी चेयर को गया। द इकनॉमिक टाइम्स, एएनआई के साथ, और टाइम्स ऑफ़ इंडिया हलफ़नामे की रिपोर्ट करते हैं। अवमानना का मामला विकसित हो रहा है। हलफ़नामे की माँग नोटिस बंद करने वाला आदेश नहीं है।
मुख्य बातें
- एनपी एक्सप्लेन्स। मुहर: नोटिस और सीसीटीवी व डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश पर सत्यापित। अवमानना का मामला विकसित हो रहा है। जाँच 15 अक्टूबर 2026 को शाम 7:20 बजे IST। पोस्ट लगभग शाम 7:30 बजे IST।
- पीठ: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची। चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू व विवेक जोशी को नोटिस। मामला W.P.(C) 1351/2026। लंबित एसआईआर मामलों के साथ टैग।
- रिपोर्टों में याचिकाकर्ता: राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, संजय राउत और अन्य। दायर 12 अक्टूबर। उन्होंने जो माँगा, वह उनकी माँग है, निष्कर्ष नहीं।
- मौखिक टिप्पणियाँ, जैसा रिपोर्ट हुआ: "Nobody can browbeat us." "We would also ask one of the petitioners about his conduct." इस नोट में एक याचिकाकर्ता। टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है कि आचरण वाली टिप्पणी राहुल गांधी के बारे में थी।
- उसी दिन, अलग मामला: गृह सचिव गोविंद मोहन के हलफ़नामे में 11 अक्टूबर के अवमानना नोटिस पर "unconditional and unqualified apology" दी गई। अवमानना का मामला विकसित हो रहा है।
दोनों तरफ़ क्या कहा
अदालत ने क्या किया
नोटिस जारी किया और जवाब माँगे। मार्च वाली याचिकाओं पर सीसीटीवी और डिजिटल फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। मौखिक टिप्पणियाँ वैसी उद्धृत हैं जैसी रिपोर्ट हुईं।
नोटिस क्या नहीं है
एसआईआर पर रोक नहीं। याचिका के आरोपों पर फ़ैसला नहीं। अवमानना का निष्कर्ष नहीं। अगली तारीख रिपोर्ट नहीं हुई।
पुष्टि नहीं हुई
- अगली तारीख। 15 अक्टूबर को शाम 7:20 बजे IST तक जाँची गई रिपोर्टों में कोई तारीख नहीं है।
- यह कि अदालत ने नाम हटाने के आरोप मान लिए, या याचिकाकर्ताओं की माँगी राहत का आदेश दे दिया।
- यह कि 11 अक्टूबर का अवमानना नोटिस बंद हो गया। हलफ़नामा यही माँगता है। मामला विकसित हो रहा है।
- आचरण वाली टिप्पणी में याचिकाकर्ता की पहचान, जैसा टाइम्स ऑफ़ इंडिया लिखता है। लाइव लॉ वाक्य को याचिकाकर्ताओं में से एक कहकर उद्धृत करता है।
स्रोत
- LiveLaw — Notice to the Election Commission on the INDIA bloc SIR plea https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-notice-rahul-gandhi-india-bloc-plea-sir-eci-554801
- LiveLaw — Notice on the 12 October march pleas, and a direction to preserve footage https://www.livelaw.in/top-stories/supreme-court-notice-rahul-gandhi-political-leaders-march-554802
- Bar & Bench — Live updates from the hearing on the SIR plea and the Delhi protest cases https://www.barandbench.com/news/supreme-court-hears-rahul-gandhi-petition-against-sir-and-delhi-protest-cases-live-updates
- NDTV Profit — Notices on the march pleas, and an order to preserve CCTV footage https://www.ndtvprofit.com/india/jantar-mantar-protest-site-rahul-gandhi-pleas-sc-issues-notices-orders-cctv-footage-to-be-preserved-12188646
- The Economic Times (ANI) — Home Secretary's affidavit offers an apology and seeks discharge of the contempt notice https://economictimes.indiatimes.com/news/india/home-secretary-tenders-unconditional-apology-to-sc-over-non-compliance-on-delhi-restrictions-seeks-discharge-of-contempt-notice/articleshow/134955849.cms
- The Times of India — Home Secretary's affidavit says there was no wilful violation of the 9 October order https://timesofindia.indiatimes.com/india/union-home-secy-apologises-to-sc-says-no-wilful-violation-of-its-orders-measures-were-needed-on-oct-10-to-prevent-disturbance-to-public-order/articleshow/134954971.cms
- The Times of India — The conduct remark, which this report ties to Rahul Gandhi https://timesofindia.indiatimes.com/india/nobody-can-browbeat-judiciary-sc-issues-notice-to-rahul-gandhi-akhilesh-yadav-and-others-over-october-12-march/articleshow/134961009.cms
- The New Indian Express — Notice to the Election Commission on the plea against SIR https://www.newindianexpress.com/india/2026/Oct/15/sc-notice-to-eci-on-plea-against-sir-voter-deletions-pulls-up-rahul-others-over-court-march
- The Indian Express — Live updates from the protest hearing https://indianexpress.com/article/legal-news/protest-hearing-supreme-court-live-updates-detentions-sir-10922411/
- Mint — The oral line "Nobody can browbeat us", as this report carries it https://www.livemint.com/news/india/nobody-can-browbeat-judiciary-supreme-court-raps-rahul-gandhi-over-protest-march-against-cec-gyanesh-kumar-11792051464801.html
